आम तौर पर, पहले के समय में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं केवल ज्यादा उम्र के या फिर बुर्जुग लोगों में ही देखने को मिलती थीं। पर, आज के समय में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं की शिकायत 25 से 45 साल की उम्र के वर्किंग प्रोफेशनल्स भी करने लगें हैं। आज इन लोगों में, पीठ दर्द, कमर दर्द और स्लिप डिस्क जैसी समस्या के मामले काफी ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। दरअसल, र्किंग प्रोफेशनल्स में स्लिप डिस्क की समस्या इसलिए बढ़ रही है, क्योंकि इन लोगों की रोजाना की आदत धीरे- धीरे रीढ़ की हड्डी को कमजोर बना रही है। काम करने वाले प्रोफेशनल्स में स्लिप डिस्क होने के कई कारण हो सकते हैं, जिस में घंटों तक लैपटॉप के सामने बैठे रहना, गलत पोस्चर होना और बढ़ता मानसिक तनाव आदि शामिल हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं .
काम करने वाले प्रोफेशनल्स में स्लिप डिस्क के मुख्य कारण
डॉक्टर के अनुसार, रीढ़ की हड्डी के बीच में एक नरम कुशन जैसी डिस्क मौजूद होती है, जो शरीर को लचीलापन प्रदान करती है। जब किसी कारण वर्ष यह डिस्क अपनी जगह से हिल जाती है, या फिर बाहर की तरफ उभर आती है, तो इसकी वजह से नसों में काफी ज्यादा दबाव पड़ता है, जो स्लिप डिस्क का कारण बन सकती है। काम करने वाले प्रोफेशनल्स को स्लिप डिस्क होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि
- लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठ कर काम करते रहना
काफी लंबे वक्त से गलत या फिर एक ही पोस्चर में बैठ कर काम करना रीढ़ की हड्डी को काफी ज्यादा नुक्सान पहुंचा सकता है। दरअसल, अगर आप अपने ऑफिस में घंटों झुक कर बैठे रहते हैं, ऑफिस की कुर्सी पर फिसलकर बैठते हैं लगातार गर्दन झुकाकर मोबाइल देखते रहते हैं या फिर अपने लैपटॉप को नीचे रखकर काम करते रहते हैं, तो इसकी वजह से रीढ़ की प्राकृतिक बनावट काफी ज्यादा खराब हो जाती है। दरअसल, गलत पोस्चर में बैठने की वजह से डिस्क पर एक समान दबाव बिल्कुल भी नहीं पड़ता है, जिससे समय के साथ स्लिप डिस्क की समस्या होनी शुरू हो जाती है।
- शारीरिक व्यायाम या फिर एक्सरसाइज की कमी होना
सिर्फ ऑफिस में काम करने वाले लोग ही इस बात को समझ सकते हैं, कि उन को कई घंटों तक बिना उठे लगातार लैपटॉप पर काम करना पड़ता है, जिससे की वह अपने लिए बिल्कुल भी वक्त नहीं निकाल पाते हैं। इसके अलावा, कई घंटों तक लगातार काम करना और फिर इसके बाद घर जाना और सो जाना और इसके बाद सुबह उठना और फिर काम की टेंशन में ऑफिस के लिए तैयार होना, दरअसल इसकी वजह से उनको एक्सरसाइज करने का समय बिल्कुल भी नहीं मिलता। जिससे की उन को अपने शरीर से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आम तौर पर, किसी भी तरह की एक्सरसाइज न करना और लगातार एक ही पोस्चर में बैठे रहने की वजह से पीठ और पेट की मांसपेशियां काफी ज्यादा कमजोर हो जाती हैं, जिससे कि रीढ़ की हड्डी को सही सहारा नहीं मिल पाता है। आम तौर पर, इस समस्या का सीधा प्रभाव डिस्क पर पड़ता है, जिसकी वजह से स्लिप डिस्क जैसी समस्या का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
- मेंटल स्ट्रेस और नींद की कमी होना
हम में से कई लोग काम का काफी ज्यादा तनाव ले लेते हैं और दिन रात उसको सोच-सोच कर बिल्कुल भी नहीं सोते हैं। दरअसल, काम के चक्कर में लगातार तनाव में रहना आपकी मांसपेशियां काफी ज्यादा सख्त हो सकती हैं और साथ में इससे शरीर को सही रिकवरी बिल्कुल भी नहीं मिल पाती है। नींद के दौरान डिस्क खुद की मरम्मत करती हैं और एक व्यक्ति की अच्छे तरीके से नींद पूरी न होने होने की वजह से यह प्रोसेस काफी ज्यादा प्रभावित हो जाता है, जिसकी वजह से स्लिप डिस्क का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
स्लिप डिस्क के शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं?
- लगातार कमर या फिर पीठ में दर्द होना।
- बैठने और खड़े होने में समस्या होना।
- चलने में दर्द महसूस होना।
काम करने वाले प्रोफेशनल्स स्लिप डिस्क से कैसे बच सकते हैं?
वर्किंग प्रोफेशनल्स अपने लाइफस्टाइल में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करके स्लिप डिस्क जैसी समस्या से अपना बचाव कर सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय को अपना सकते हैं, जैसे कि
- ऑफिस में काम करते वक्त सही पोस्चर में बैठे।
- हर घंटे में एक छोटी सी ब्रेक जरूर लें।
- रोजाना थोड़ा वक्त निकालकर एक्सरसाइज करें।
- अपने वजन को कंट्रोल में रखें।
- अक्सर सेहतमंद डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल को अपनाएं।
- अपनी एक पूरी नींद लें।
- तनाव को मैनेज करें।
निष्कर्ष: जॉब करने वाले लोगों में स्लिप डिस्क के कई मुख्य कारण हो सकते हैं, जिसमें ऑफिस में हर वक्त गलत पोस्चर में बठेना, शारीरिक व्यायाम या फिर एक्सरसाइज की कमी होना और मेंटल स्ट्रेस और नींद की कमी होना आदि जैसे कई लक्षण शामिल हो सकते हैं। इससे एक व्यक्ति की सेहत काफी ज्यादा प्रभावित हो सकती है। जॉब करने वाले लोगों को इस तरह की समस्या से बचने के लिए वक्त रहते अपने लाइफस्टाइल में करना बहुत जरूरी होता है, ताकि इस समस्या में सर्जरी की नौबत आने से पहले ही इस तरह की समस्या को रोका जा सके। इसके अलावा, स्लिप डिस्क जैसी समस्या से बचने के लिए आप सही पोस्चर और रेगुलर कसरत कर सकते हैं। काम करने वाले लोगों को अपने शरीर में होने वाले किसी भी दर्द को बिल्कुल भी नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और रीढ़ की हड्डी में होने वाली किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही न्यूरो सिटी हॉस्पिटल के विशेष्ज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।