अधरंग अटैक आने से पहले कैसे करे खुद का बचाव?

अधरंग या दिमागी अटैक का सम्पूर्ण विश्लेषण

अधरंग अटैक आने से पहले कैसे करे खुद का बचाव?

आज के समय की बात करे तो भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में हर एक व्यक्ति व्यस्त रहता। उसके इसी व्यस्त जीवन का असर उसके दिमाग पर भी पड़ता है, जो दिमाग के दौरे के रूप में बाहर निकल कर आता है। इसके अलावा आज के आर्टिकल में हम अधरंग या दिमाग का दौरा क्या है इसके बारे में बात करेंगे ;

अधरंग या दिमागी अटैक क्या है ?

अधरंग अटैक के बारे में हम निम्न में बात करेंगे ;

  • अधरंग को कई बार दिमाग का अटैक भी कहते हैं। यह दिमाग में खून के बहाव के रुक जाने के कारण या दिमाग में खून की नाड़ियां फट जाने के कारण भी हो सकता है। कई बार यह दिमाग के ठीक ढंग से काम न करने के कारण भी होता है।

अधरंग कितने प्रकार के होते है ?

  • अधरंग मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं। पहला सूखा अधरंग और दूसरा खूनी अधरंग। 
  • सूखे अधरंग की बात करे तो ये दिमाग में खून के जम जाने के कारण होता है। तो वही खूनी अधरंग दिमाग की नाड़ियों के फट जाने के कारण होता है।
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यदि आपको या आपके किसी करीबी को खूनी और सूखे अधरंग का अटैक पड़ चूका है, तो फ़ौरन बेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट लुधियाना के सम्पर्क में आए।

अधरंग की निशानी क्या है ?

  • अधरंग निशानी की बात करे तो अचानक एक तरफ चेहरे, बाजू, टांग की कमजोरी, बोलने या बोलते हुए को समझने में मुश्किल का आना, खुद का संतुलन खो बैठना, असाधारण सिर दर्द अधरंग की पहली निशानी है। 

अधरंग अटैक के क्या कारण है ?

  • आज के समय की बात करे तो खान-पान से लेकर रहन-सहन बिल्कुल बदल चुका है। लाइफ स्टाइल चेंज होने से बहुत-सी बीमारियां व्यक्ति के शरीर में अग्रसर हुई है। 
  • इसके अलावा अधरंग अटैक के कारणों की बात करे तो उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारियां, शूगर व धूम्रपान करना इसके प्रमुख कारण हैं।
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अधरंग या दिमागी अटैक से कैसे करे खुद का बचाव ?

  • यदि व्यक्ति अपने जीवन शैली में सुधार लाएं तो 80 फीसदी तक अधरंग होने के खतरे को टाला जा सकता है।
  • इसके अलावा जब किसी व्यक्ति को अधरंग का अटैक हो जाए तो उसे 2 से 3 घंटे के अंदर अच्छे स्ट्रोक सेंटर में पहुंचना चाहिए ताकि मरीज को बचाया जा सके। क्युकि समय ही इस बीमारी को रोकने का बहुमूल्य विकल्प है।
  • तो वही अधरंग के बचाव व इसको रोकने के तरीके की बात करे तो स्वच्छ खाना, तंदरुस्त शरीर, धूम्रपान न करना, अधिक शराब न पीना, मोटापे पर नियंत्रण रख के आप इस समस्या से खुद का बचाव कर सकते है।

सुझाव :

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बहुत से लोगों के दिमाग में यह बात घूमती है की अधरंग या दिमागी अटैक का कोई इलाज नहीं है। पर आपको बता दे पहले ऐसा था पर आज के समय में इसका बेहतरीन इलाज किया जाता है। इसके अलावा यदि आप अधरंग अटैक की समस्या से ग्रस्त है, तो न्यूरोसीटी हॉस्पिटल के डॉक्टर से जरूर मुलाकात करे और अपनी समस्या के बारे में खुल के यहाँ के अनुभवी डॉक्टरों से बात करे।

निष्कर्ष :

अधरंग या दिमागी अटैक क्या है इसके बारे में हम उपरोक्त आपको जानकारी दे चुके है, यदि आपमें भी ऐसी समस्या है तो बिना समय बर्बाद की किए किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट के सम्पर्क में आए, क्युकि इस अटैक में समय का बहुत मत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए आपको उपरोक्त बातो का ध्यान रखना है, नहीं तो ये समस्या आपकी जान पर भी बन सकती है।

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