दरअसल, आज की तेज रफ़्तार भरी जिंदगी में लोग रोज एक ही काम करते -करते थक जाते हैं और वो इससे काफी ज्यादा परेशान और काफी ज्यादा थकान महसूस करने लग जाते हैं। इसके अलावा, इसकी वजह से कई लोग छोटे-छोटे काम करने में भी दिमागी थकान महसूस करने लग जाते हैं। जिसमें मोबाइल या फिर कंप्यूटर पर ईमेल वगैहरा चेक करना या फिर घर में कपड़ों को तह मरना जैसे काम शामिल हो सकते हैं। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि अक्सर छोटे-छोटे काम करके ही दिमागी थकान महसूस करना कोई आलस नहीं होता है, बल्कि यह आपकी दिमागी थकान का एक बहुत बड़ा संकेत होता है, जिसका उत्पादन तब होता है, जब आपके दिमाग की ऊर्जा जल्दी खत्म होनी शुरू हो जाती है।
दरअसल, डॉक्टर का इस पर कहना है, कि यह कोई आलस की समस्या नहीं होती है, बल्कि माहवारी के बाद इस तरह के मामलों में काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है, जो आम तौर पर, नींद में होने वाली कमी, लंबे समय के तनाव, चिंता, वर्कआउट में कमी और यहां तक कि थायराइड जैसी दिक्कतों से जुड़ी हुई होती है। आम तौर पर हम में से कई लोग इस तरह की स्थिति को आलस या फिर आम समझ कर नज़रअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर या फिर लगातार बनी रहने पर दिमाग के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। ऐसे में, दिमागी थकान होने जैसी स्थिति के कई लक्षण आपको महसूस हो सकते हैं, जिसमें हर छोटे-से -छोटे काम को टालते रहना, काफी ज्यादा चिड़चिड़ापन महसूस करना और साथ में अचानक से दिमाग का बंद होना जैसे सब कुछ शटडाउन हो जाना जैसा महसूस हो सकता है। इस तरह की स्थिति होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं, या फिर एक अच्छी बात यह भी हो सकती है, कि इस तरह की स्थिति से राहत पाने के लिए आप कुछ उपायों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें सबसे पहले अपनी नींद को प्राथमिकता देना, 90 से 20 रूल को अपनाना, दिमाग को सही फ्यूल देना, अपने आसपास हलचल रखना और साथ में डिजिटल डिटॉक्स और बाउंड्री सेट करना जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं। आम तौर पर, इन उपायों का इस्तेमाल करके आप अपनी मानसिक ताकत को वापिस पा सकते हैं और अच्छी जिंदगी बिता सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
- नींद को प्राथमिकता देना
इस तरह किस स्थिति से बचने के लिए रोज एक आरामदायक और सात से नौ घंटे की नींद लेना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, इससे न केवल शरीर ठीक रहता है, बल्कि दिमाग की स्थिति भी ठीक रहती है। आम तौर पर, सोने से पहले रूटीन सेट करें, जिस में नींद लेने से पहले अपने कमरे की लाइट को बिल्कुल कम करना, मोबाइल और टीवी की स्क्रीन से दूर रहना और साथ में कैमोमाइल जैसी हर्बल ड्रिंक का सेवन करना शामिल हो सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के मुताबिक, एक व्यक्ति की नींद में कमी होने पर दिमाग का फ्रंट हिस्सा बिल्कुल भी ठीक से काम नहीं कर पाता है, जिसकी वजह से छोटे- छोटे काम करने पर भी काफी ज्यादा दिक्कत महसूस होती है। इसलिए, सबसे पहले अपनी नींद को पूरा करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
- 90 से 20 रूल को अपनाना
आम तौर पर, इस तरह की स्थिति से राहत पाने के लिए आप 90 से 20 के रूल को अपना सकते हैं। इससे आप काफी ज्यादा रिलेक्स फील कर सकते हैं और अपने काम को भी अच्छे तरीके से कर सकते हैं। दरअसल, इस नियम के मुताबिक कम से कम 90 मिनट तक काम करें और फिर लगभग 20 मिनट तक का ब्रेक लें। इस दौरान ब्रेक में कहीं बाहर टहलें, गहरी सांस लें, या फिर कोई हल्का संगीत सुने, जिससे आपको राहत मिलती हो और दिमाग को शांति प्राप्त होती हो। आम तौर पर, ऐसा करने पर स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से काफी ज्यादा बचाव होता है और साथ में दिमाग में मोटिवेशन बना रहता है।
- दिमाग को सही फ्यूल देना
दरअसल, अगर आप भी किसी भी काम को करते वक्त दिमागी थकान महसूस करते हैं, तो इस दौरान अपने दिमाग को सही फ्यूल देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आमतौर पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि मानसिक थकान की शुरुआत अक्सर ब्लड शुगर के गिरने की वजह से होती है। इस तरह की स्थिति में, हर तीन से चार घंटे में संतुलित स्नैक्स का सेवन करें, जिसमें साबुत अनाज वाले टोस्ट पर एवोकाडो या फिर दही के साथ नट्स का सेवन करना शामिल हो सकता है। इस तरह की समस्या से राहत पाने के लिए हर रोज तकरीबन दो से तीन लीटर तक पानी का सेवन करें और ओमेगा-3 से भरपूर आहार का सेवन करें। ऐसा करने पर न केवल दिमागी सूजन कम होती है, बल्कि इससे दिमाग की थकान भी काफी दूर हो जाती है। इसलिए, रोजाना इन का सेवन करना दिमाग के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
निष्कर्ष: दिमागी थकान को दूर करने के लिए और दिमाग को पहले जैसा सेहतमंद बनाने के लिए आप इन उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आखिरकार नियमितता से ही तो ताकत वापस आती है और दिमाग लचीला बनता है। सही तरीकों का इस्तेमाल करके ही तो आप छोटे-छोटे कामों को आसानी से कर पाएंगे। इन उपायों का इस्तेमाल करने के बाद भी अगर दिमाग थकान में किसी भी तरह का कोई भी प्रभाव न दिखे, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और दिमाग से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही न्यूरो सिटी हॉस्पिटल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।