दरअसल, मिर्गी एक इस तरह की समस्या है, जिससे एक आम इंसान भी अचानक से काफी ज्यादा प्रभावित हो सकता है। आम तौर पर, मिर्गी की समस्या आम है, पर समय पर इलाज न मिलने पर यह आगे चलकर काफी ज्यादा गंभीर हो सकती है। मिर्गी यानी कि एपिलेप्सी जिसके होने पर एक व्यक्ति को न केवल अचानक से दौरा पड़ने लगता है, बल्कि वह इस दौरान बेहोश भी हो जाता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि मिर्गी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें एक व्यक्ति को दौरा पड़ता है, तो वह अपने दिमाग के संतुलन को खो बैठता है। इसके अलावा, इस दौरान मरीज के हाथ पैर अकड़ने के साथ-साथ शरीर कांपने और ऐंठने लगता है। दरअसल, इलाज होने पर भी यह समस्या पूरी तरीके से ठीक नहीं होती है, यहां तक कि इस समस्या को दवाओं की मदद से कंट्रोल में रखा जाता है, पर दवाओं को बंद करने पर यह दौरे फिर से पड़ने लग जाते हैं। आम तौर पर, दवाओं के सेवन के अलावा भी आप कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल करके इस तरह की समस्या को कंट्रोल में रख सकते हैं। इन घरेलू उपायों में सफेद प्याज का रस, शहतूत और अंगूर का रस, तुलसी और सीताफल के पत्तों का रस और करौंदा के पत्तों का सेवन शामिल हो सकता है। यह इस समस्या के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
दौरा पड़ने पर पीड़ित व्यक्ति के साथ क्या नहीं करना चाहिए?
- समस्या से पीड़त व्यक्ति के मुंह में कुछ न डालें।
- इस तरह की स्थिति में मरीज को कहीं पर भी ले जाने की कोशिश न करें।
- इस दौरान मरीज को पूरी तरीके से ठीक होने के बाद ही कुछ खिलाएं- पिलाएं।
- इस दौरान मिर्गी का उपचार आप खुद से करने की बिल्कुल भी कोशिश न करें।
मिर्गी का दौरा पड़ने पर अपनाये जाने वाले कुछ घरेलू उचार
दरअसल, मिर्गी का इलाज खुद करने की बजाए, अच्छा होगा कि आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और डॉक्टर से ही इसका इलाज करवाएं। अगर किसी भी तरह की स्थिति में आपको लगता है, की आप मिर्गी जैसी समस्या की चपेट में आ रहे हैं, या फिर परिवार में कोई व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित है, तो आप इस दौरान उसके होश में आने पर, इन घरेलू उपचारों का इस्तेमाल कर सकते हैं, इन से किसी भी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और पीड़ित व्यक्ति को इनसे समस्या से राहत मिल सकती है। यह उपचार निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
- सफेद प्याज का रस
दरअसल, मिर्गी जैसी समस्या का समाधान करने के लिए आप मिर्गी के मरीज को रोजाना 1 चम्मच प्याज के रस का पीला सकते हैं।
- शहतूत और अंगूर का रस
इस समस्या के दौरान मरीज को रोजाना शहतूत और अंगूर के रस का सेवन करवाना भी काफी ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है।
- तुलसी और सीताफल के पत्तों का रस
आम तौर पर, किसी भी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ने पर उसकी नाक में तुलसी के रस में सेंधा नमक मिलाकर डालने से मरीज को काफी राहत मिल सकती है। इस दौरान तुलसी की जगह आप सीताफल के पत्तों का रस भी शामिल कर सकते हैं।
- करौंदा के पत्तों का सेवन
दरअसल, करौंदे के पत्ते भी ,मिर्गी की समस्या के लिए काफी ज्यादा लाभदायक साबित हो सकते हैं। इसके लिए आप करौंदे के पत्तों को पीसकर इस की चटनी बनाकर मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति को खिला सकते हैं। दरअसल, इस का रोजाना सेवन करने से पीड़ित व्यक्ति को जल्दी लाभ प्राप्त हो सकता है।
निष्कर्ष: मिर्गी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें दौरा पड़ने पर एक व्यक्ति का दिमागी तंतुलन काफी ज्यादा खराब हो जाता है। इस समस्या के दौरान न केवल मरीज के हाथ पैर अकड़ने लग जाते हैं, बल्कि इसमें पीड़ित व्यक्ति का शरीर कांपने और ऐंठने भी लग जाता है। इस दौरान व्यक्ति बेहोश हो जाता है। हालाँकि, इलाज मिलने पर भी ये समस्या पूरी तरीके से सही नहीं होती है। दवाओं से सिर्फ इस समस्या को कंट्रोल में किया जाता है, पर दवाओं को छोड़ने पर यह समस्या व्यक्ति को दुबारा से पेरशान कर सकती है। ऐसे में दवाओं का सेवन करने के साथ -साथ इस को कुछ घरेलू उपचारों का भी कंट्रोल में रखा जा सकता है, जिसमें सफेद प्याज का रस, शहतूत और अंगूर का रस, तुलसी और सीताफल के पत्तों का रस और करौंदा के पत्तों का सेवन शामिल हो सकता है। मिर्गी की गंभीर स्थिति बनने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और मिर्गी जैसी समस्या से राहत पाने के लिए आप आज ही न्यूरो सिटी हॉस्पिटल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।