क्या आपका दिमाग भी थोड़ा सा काम करते ही थक जाता है? डॉक्टर से जानें, इससे राहत पाने के आसान उपायों के बारे में!

दरअसल, आज की तेज रफ़्तार भरी जिंदगी में लोग रोज एक ही काम करते -करते थक जाते हैं और वो इससे काफी ज्यादा परेशान और काफी ज्यादा थकान महसूस करने लग जाते हैं। इसके अलावा, इसकी वजह से कई लोग छोटे-छोटे काम करने में भी दिमागी थकान महसूस करने लग जाते हैं। जिसमें मोबाइल या फिर कंप्यूटर पर ईमेल वगैहरा चेक करना या फिर घर में कपड़ों को तह मरना जैसे काम शामिल हो सकते हैं। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि अक्सर छोटे-छोटे काम करके ही दिमागी थकान महसूस करना कोई आलस नहीं होता है, बल्कि यह आपकी दिमागी थकान का एक बहुत बड़ा संकेत होता है, जिसका उत्पादन तब होता है, जब आपके दिमाग की ऊर्जा जल्दी खत्म होनी शुरू हो जाती है। 

दरअसल, डॉक्टर का इस पर कहना है, कि यह कोई आलस की समस्या नहीं होती है, बल्कि माहवारी के बाद इस तरह के मामलों में काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है, जो आम तौर पर, नींद में होने वाली कमी, लंबे समय के तनाव, चिंता, वर्कआउट में कमी और यहां तक कि थायराइड जैसी दिक्कतों से जुड़ी हुई होती है। आम तौर पर हम में से कई लोग इस तरह की स्थिति को आलस या फिर आम समझ कर नज़रअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर या फिर लगातार बनी रहने पर दिमाग के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। ऐसे में, दिमागी थकान होने जैसी स्थिति के कई लक्षण आपको महसूस हो सकते हैं, जिसमें हर छोटे-से -छोटे काम को टालते रहना, काफी ज्यादा चिड़चिड़ापन महसूस करना और साथ में अचानक से दिमाग का बंद होना जैसे सब कुछ शटडाउन हो जाना जैसा महसूस हो सकता है। इस तरह की स्थिति होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं, या फिर एक अच्छी बात यह भी हो सकती है, कि इस तरह की स्थिति से राहत पाने के लिए आप कुछ उपायों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें सबसे पहले अपनी नींद को प्राथमिकता देना, 90 से 20 रूल को अपनाना, दिमाग को सही फ्यूल देना, अपने आसपास हलचल रखना और साथ में डिजिटल डिटॉक्स और बाउंड्री सेट करना जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं। आम तौर पर, इन उपायों का इस्तेमाल करके आप अपनी मानसिक ताकत को वापिस पा सकते हैं और अच्छी जिंदगी बिता सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

  1. नींद को प्राथमिकता देना 

इस तरह किस स्थिति से बचने के लिए रोज एक आरामदायक और सात से नौ घंटे की नींद लेना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, इससे न केवल शरीर ठीक रहता है, बल्कि दिमाग की स्थिति भी ठीक रहती है। आम तौर पर, सोने से पहले रूटीन सेट करें, जिस में नींद लेने से पहले अपने कमरे की लाइट को बिल्कुल कम करना, मोबाइल और टीवी की स्क्रीन से दूर रहना और साथ में कैमोमाइल जैसी हर्बल ड्रिंक का सेवन करना शामिल हो सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के मुताबिक, एक व्यक्ति की नींद में कमी होने पर दिमाग का फ्रंट हिस्सा बिल्कुल भी ठीक से काम नहीं कर पाता है, जिसकी वजह से छोटे- छोटे काम करने पर भी काफी ज्यादा दिक्कत महसूस होती है। इसलिए, सबसे पहले अपनी नींद को पूरा करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

  1. 90 से 20 रूल को अपनाना 

आम तौर पर, इस तरह की स्थिति से राहत पाने के लिए आप 90 से 20 के रूल को अपना सकते हैं। इससे आप काफी ज्यादा रिलेक्स फील कर सकते हैं और अपने काम को भी अच्छे तरीके से कर सकते हैं। दरअसल, इस नियम के मुताबिक कम से कम 90 मिनट तक काम करें और फिर लगभग 20 मिनट तक का ब्रेक लें। इस दौरान ब्रेक में कहीं बाहर टहलें, गहरी सांस लें, या फिर कोई हल्का संगीत सुने, जिससे आपको राहत मिलती हो और दिमाग को शांति प्राप्त होती हो। आम तौर पर, ऐसा करने पर स्‍ट्रेस हार्मोन बढ़ने से काफी ज्यादा बचाव होता है और साथ में दिमाग में मोटिवेशन बना रहता है।

  1. दिमाग को सही फ्यूल देना 

दरअसल, अगर आप भी किसी भी काम को करते वक्त दिमागी थकान महसूस करते हैं, तो इस दौरान अपने दिमाग को सही फ्यूल देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आमतौर पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि मानसिक थकान की शुरुआत अक्सर ब्लड शुगर के गिरने की वजह से होती है। इस तरह की स्थिति में, हर तीन से चार घंटे में संतुलित स्नैक्स का सेवन करें, जिसमें साबुत अनाज वाले टोस्ट पर एवोकाडो या फिर दही के साथ नट्स का सेवन करना शामिल हो सकता है। इस तरह की समस्या से राहत पाने के लिए हर रोज तकरीबन दो से तीन लीटर तक पानी का सेवन करें और ओमेगा-3 से भरपूर आहार का सेवन करें। ऐसा करने पर न केवल दिमागी सूजन कम होती है, बल्कि इससे दिमाग की थकान भी काफी दूर हो जाती है। इसलिए, रोजाना इन का सेवन करना दिमाग के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

निष्कर्ष: दिमागी थकान को दूर करने के लिए और दिमाग को पहले जैसा सेहतमंद बनाने के लिए आप इन उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आखिरकार नियमितता से ही तो ताकत वापस आती है और दिमाग लचीला बनता है। सही तरीकों का इस्तेमाल करके ही तो आप छोटे-छोटे कामों को आसानी से कर पाएंगे। इन उपायों का इस्तेमाल करने के बाद भी अगर दिमाग थकान में किसी भी तरह का कोई भी प्रभाव न दिखे, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और दिमाग से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही न्यूरो सिटी हॉस्पिटल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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    Pediatric neurological disorders can negatively impact children’s mental and cognitive health. This includes the affected function of the children’s nervous system, which is responsible for possible communication between the brain and other nerves of the body. This develops serious neurological disorders which can drastically impact a child’s cognitive, social, emotional and physical health. There are many neurological conditions prevalent in children, such as Autism spectrum disorder (ASD), Attention deficit hyperactivity disorder (ADHD), Epilepsy, Dyslexia and CNS infections. All such neurological disorders can affect the child’s brain negatively and also deprive them of performing their daily tasks properly. Such neurological disorders often develop due to genetic disorders; along with this, the harmful toxins affecting the nervous system also lead to such neurological disorders. To know more about pediatric neurological disorders, read this blog in an essential manner. 

    What are pediatric neurological disorders affecting the child’s growth?

    The daily activities of children are affected due to several pediatric neurological disorders, and it is essential to find an appropriate treatment for these. There are some common neurological disorders prevailing among children, which are highlighted in the points mentioned below, so keep reading. 

    • Autism spectrum disorder

    This neurological condition develops mainly due to genetic conditions, affecting the child’s ability to interact socially and communicate effectively. Mostly, children with autism play alone during autism and don’t show special interest in any activity or games which are usually liked by all children. Along with this, they might indulge themselves in repetitive actions such as hand flapping or focus on specific topics. Even if their parents or teachers call them by their name, they don’t pay much attention and look towards another direction. 

    • Attention-deficit hyperactivity disorder

    This is a neurological disorder which involves the hyperactive actions of children, such as waiting for their turn while being impatient. Along with this, this disorder affects their daily tasks, such as making mistakes, trouble in staying organised and getting distracted easily. All such symptoms signify that their brain is incapable of performing the basic functions properly, hence impacting their cognitive health. Also, children suffering from this disorder struggle while staying attentive and understanding any instructions. 

    • Epilepsy

    This includes the recurrence of seizures among children, which requires proper medication and lifelong treatment to reduce seizures. During epilepsy, shaking of the whole body and lip smacking are the common noticeable symptoms among children. This can prevent them from leading a normal life and even make them embarrassed within their peer groups. Through proper and effective treatment, one can observe the reduced symptoms of epilepsy among children. 

    • Dyslexia

    This includes an inability to read the exact words and alphabet, and even struggling to catch the rhymes. Along with this, such children read slowly, thus making reading a daunting task for them. One can get rid of this condition by comprehensively approaching the effective strategies in order to simplify the reading task. The effective strategies by the experienced neurologist can help them in managing their symptoms and lead a normal life like other children. 

    Conclusion

    Struggling with neurological conditions can bring numerous challenges in the lives of children, such as low self-esteem, anxiety and depression. The above-mentioned neurological conditions can drastically impact your child’s emotional, social and cognitive health by affecting their brain function and making social interaction difficult for them. Therefore, in order to get out of such conditions, you can effectively engage with the professional neurologists of Neurociti Hospital in Ludhiana. Our expert neurologist, Dr. S.K. Bansal is proficient in assessing the root cause of your neurological condition and providing an accurate treatment accordingly. 

    FAQs

    • When should I consult a pediatric neurologist for my children?

    If you notice common symptoms in your child, such as developmental delay, gradual brain functioning and abnormalities in their movement or speech, then it is better to consult a pediatric neurologist. 

    • Can my child get rid of neurological conditions?

    Through effective treatment along with a healthy lifestyle, you can manage the symptoms of pediatric neurological conditions.

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      सेहतमंद रहने के लिए रोजाना कसरत करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। असल में, हमारे जीवन में कसरत किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इसकी मदद से हमारा शरीर एक्टिव रहता है और इससे हमारे शरीर में खुशी के हार्मोन पैदा होते हैं। रोजाना की कसरत आपके शरीर को फिट रखती है। अगर आपका शरीर फिट रहता है, तो आप अपने आप को स्वस्थ महसूस करते हैं और जब आप अपने आप को हर जगह से स्वस्थ महसूस करते हैं, तो आप काफी ज्यादा खुश रहते हैं। कसरत हमारे शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होती है। पर आम तौर पर, ज्यादातर लोगों के मन में कसरत का नाम सुनते ही बॉडी बिल्डिंग और सिक्स पैक एब्स की तस्वीर आने लग जाती हैं। दरअसल, यह बात वाकई में सच है, कि रोजाना कसरत करने से आपकी बॉडी फिट और टोन हो जाती है। इसके साथ ही व्यक्ति की बॉडी की शेप में काफी ज्यादा सुधार आता है। पर आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि कसरत जितनी जरूरी हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होती है, उतनी ही ये हमारे दिमाग के लिए भी लाभदायक होती है। दरअसल, रोजाना कसरत करने से आपके दिमाग को कई इस तरह के फायदे प्राप्त होते हैं, आम तौर पर, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे। तो आइये इस लेख के माध्यम से इस के डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि कसरत हमारे दिमाग को किस तरीके से फायदा पहुंचा सकती है। 

      कसरत आपके दिमाग के लिए कैसे फायदेमंद होती है?

      दरअसल, कसरत कई तरीकों से दिमाग के लिए फायदेमंद हो सकती है, आम तौर पर, जिस में शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

      1. दिमाग को मिलती है ज्यादा ऑक्सीजन

      आम तौर पर, कसरत के दौरान सभी इस बात को जरूर नोटिस करते हैं, कि इस तरह की स्थिति में, लोगों के दिल की धड़कन काफी ज्यादा तेज हो जाती है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में, एक व्यक्ति के दिल की धड़कन की रफ्तार तेज होने पर उसकी सासें काफी ज्यादा फेज हो जाती है, या फिर सांसे फूलने लग जाती हैं, जिससे कि उसके फेफड़ों में ऑक्सीजन काफी ज्यादा मात्रा में पहुँचती है। आम तौर पर, यही ऑक्सीजन खून में मिलकर पूरे शरीर में सप्लाई होती है। आपको बता दें कि हमारे दिमाग को जिन्दा रहने के लिए ऑक्सीजन की काफी ज्यादा जरूरत होती है। आम तौर पर जब आप कसरत करते हैं, तो इससे आपके पुरे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह होता है, जिससे आपके दिमाग को भी काफी ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है। इससे काफी कुछ होता है, जैसे कि दिमाग की कोशिकाएं सेहतमंद और डैमेज टिशूज की मरम्मत होती है और इसके साथ ही हमारे दिमाग में नई खून की नसों का निर्माण होता है। 

      1. नई मस्तिष्क कोशिकाएं का निर्माण होता है 

      असल में, दिमाग हमारे शरीर का एक ऐसा अंग होता है, जो काफी लम्बे समय तक हमारा साथ निभाता है। अगर हमारा दिमाग काम करना बंद कर दे, तो हमारे शरीर का कोई भी अंग अच्छे तरीके से काम नहीं करेगा। इसलिए अपने दिमाग को सेहतमंद रखने के लिए रोजाना कसरत करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, इससे दिमाग एक्टिव रहता है। इसके साथ ही इसके लिए समय-समय पर पुरानी डैमेज सेल्स की मरम्मत करना और नई दिमाग की कोशिकाओं का निर्माण करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। बता दें, कि यह सभी काम तब पुरे होते हैं, जब आप एक अच्छी नींद में सो रहे होते हैं। दरअसल, रोजाना की कसरत आपको एक अच्छी नींद प्रदान करती है और साथ ही इसकी मदद से नई दिमाग की कोशिकाओं का निर्माण होता है। 

      निष्कर्ष

      रोजाना कसरत करने से सिर्फ हमारे शरीर को ही नहीं बल्कि हमारे दिमाग को भी काफी ज्यादा फायदा प्राप्त होता है। अगर आपको इसके बारे में जानकारी लेनी है, या फिर आपको दिमाग से जुड़ी कोई भी समस्या है जिसका आप इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही न्यूरो सिटी हॉस्पिटल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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