वैसे तो ज्यादातर लोग अपने काम ही व्यस्त रहते हैं, पर काम के बीच जैसे ही उन को वक्त या फिर ब्रेक मिलता है, तो वह तुरंत अपने मोबाइल को निकालते हैं और सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ स्क्रॉल करने लग जाते हैं। यह आदत लगभग सभी लोगों में होती है, कि खाना-खाते वक्त मोबाइल पर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और कहीं पर भी घूमते वक्त मोबाइल फ़ोन देखना। इन आदतों को लगातार अपनाना और एक मिनट के लिए भी अपनी आंखों और दिमाग को आराम न देना, दरअसल यह दिमागी सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है।
दरअसल, ज्यादातर मोबाइल पर सोशल मीडिया पर शॉर्ट वीडियो या फिर रील्स को स्क्रोल करने की आदत लोगों के बहुत से घंटों को बर्बाद कर देती है। आज के समय में ज्यादातर लोगों को काम के चलते दिन में सोशल मीडिया पर रील्स स्क्रॉल करने का वक्त नहीं मिलता है, तो वह लोग सोने से पहले कई घंटों तक रील्स को स्क्रोल करते हैं। ऐसे में, कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो पूरा दिन फ़ोन पर बिताकर भी सोने से पहले घंटो बैठकर बिना वजह रील्स स्क्रोल करते रहते हैं। असल में, बात यह कि लोग अपनी आदतों से मजबूर हो गए हैं, वह इन आदतों को अब बिल्कुल भी छोड़ना नहीं चाहते हैं।
दरअसल, इसे माइंडलेस स्क्रोलिंग के नाम से भी जाना जाता है। इस आदत की वजह से लोगों को नींद पूरी न होना, सुबह के समय काफी ज्यादा थकावट महसूस करना और चेहरे का नूर गायब होना जैसी कई तरह की समस्याओं को झेलना पड़ सकता है। इसकी वजह से मानसिक सेहत पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ रहा है और साथ में, दिमाग से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का भी खतरा काफी ज्यादा बढ़ रहा है। माना की यह मन को ख़ुशी देने वाला और एक मनोरंजन की तरह हो सकता है, पर इसका ज्यादा इस्तेमाल दिमाग की सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है। ऐसे में, बहुत से लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं, कि क्या वाकई पूरे दिन रील्स और शॉर्ट्स को स्क्रॉल करने की आदत दिमाग की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती है? दरअसल, डॉक्टर के अनुसार कई घंटों तक बैठकर मोबाइल पर रील्स स्क्रोलिंग करना या फिर सोने से पहले कई घंटों तक मोबाइल को देखने की आदत वास्तव में दिमाग की सेहत को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। इसकी वजह से दिमाग को किसी भी काम में फोकस न कर पाना, मानसिक थकान महसूस होना और नींद प्रभावित होना जैसी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए अपने स्क्रीन टाइम को कम करने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
रील्स और शॉर्ट्स को स्क्रॉल करने पर दिमाग को होने वाले नुकसान!
दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि आज लोग द्वारा एक ही पोजीशन में बैठकर लगातार मोबाइल पर रील्स को स्क्रॉल करने की वजह से दिमाग के सेल्स पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है और इससे दिमाग का ग्रे मैटर फंक्शन बुरी तरीके से प्रभावित हो जाता है। इससे होने वाले नुकसान निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं,
- काम में फोकस न कर पाने की समस्या होना
दरअसल, लगातार कई घंटों तक माइंडलेस स्क्रॉलिंग छोटी और उत्तेजक रील्स के माध्यम से दिमाग में डोपामाइन हार्मोन को छोड़ता है, जो दिमाग को काफी ज्यादा ख़ुशी प्रदान करता है। इससे दिमाग के लिए किसी भी चीज या फिर किसी भी काम पर फोकस कर पाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाता है। जिसमें किताब पड़ना, बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करना और कुछ सीखना जैसे काम शामिल हो सकते हैं। रोजाना रील स्क्रॉलिंग के कारण लोगों में इस तरह के कामों की रुचि काफी ज्यादा कम होने लग जाती है।
- मानसिक थकान महसूस होना
NCBI की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर स्मार्टफोन का इस्तेमाल शारीरिक और मानसिक सेहत काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। लगातार स्क्रॉलिंग से दिमाग का वो हिस्सा प्रभावित होता है, जो फैसले लेने और इमोशन्स को कंट्रोल करने का काम करता है। डिजिटल एक्साइटमेंट दिमाग को हाइपर स्टिम्युलेटेड रखता है, जिसके कारण एक व्यक्ति को बेचैनी और चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना करना पड़ता है।
- नींद पर असर पड़ना
रोजाना दिन और रात कई घंटों तक मोबाइल पर केवल माइंडलेस स्क्रॉलिंग करना न केवल हमारी शारीरिक सेहत को प्रभावित करता है, बल्कि इससे नींद का पैटर्न भी काफी ज्यादा प्रभावित हो जाता है। देर रात तक मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करने पर, फ़ोन से निकालने वाली ब्लू लाइट की वजह से मेलाटोनिन हार्मोन रिलीज नहीं हो पाता है, जिसके कारण कई बार लोगों को नींद नहीं आती या फिर आती भी है, तो देर से ही आती है, जो रात में कई बार टूट जाती है। दरअसल, नींद की कमी दिमाग के काम करने की रफ़्तार को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकती है। इसके कारण दिमाग का काम कम हो जाता है और याददाश्त प्रभावित होने जैसी समस्या परेशान करने लग जाती है।
निष्कर्ष: पूरे दिन बैठकर मोबाइल पर रील्स स्क्रोलिंग करने और सोने से पहले घंटों तक मोबाइल को देखने की आदत सच में दिमाग की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। माना कि आज के समय में मोबाइल का इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है, पर इसका सही और एक हद तक इस्तेमाल दिमाग की सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे होने वाले नुकसानों से बचने के लिए बेहतर है, कि आप माइंडलेस स्क्रोलिंग करने की बजाए अपने समय को किसी उपयोगी काम में लगाएं, ताकि इससे दिमाग और शरीर दोनों ही सेहतमंद रहें। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और दिमाग से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए आप आज ही न्यूरो सिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।