दरअसल, आज के समय में ज्यादातर काम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से ही होते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी लोग मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, पर इसकी वजह से बच्चे ज्यादातर अपना वक्त मोबाइल पर ही बिताने लगते हैं, जिससे उनको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल, स्क्रीन चाहे लैपटॉप की हो या फिर मोबाइल फ़ोन की हो यह बच्चों के लिए कितनी ज्यादा खतरनाक होती है, शायद हम अभी तक इसको नहीं जान पाए हैं। आम तौर पर, आज के समय में ज्यादातर बच्चे किसी न किसी बहाने से फ़ोन का इस्तेमाल करने लग जाते हैं और किसी की भी नहीं सुनते हैं।
असल में, अगर घर में बच्चे हमारे सामने घंटों मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं और हमारी नहीं सुनते, तो शायद यह अच्छी पेरेंटिंग नहीं है। क्योंकि आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि मोबाइल का बहुत ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है, इसलिए इस तरह की स्थिति में, न सिर्फ़ छोटे बच्चों के लिए, बल्कि बड़ों के लिए भी अब सीरियस होने का समय है। क्योंकि, इस पर डॉक्टरों का कहना है, कि मोबाइल, लैपटॉप या फिर टीवी स्क्रीन को ज्यादा देखने से ब्रेन ट्यूमर जैसी समस्या का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है।
लोगों के लिए यह एक चिंता का विषय हो सकता है, पर डॉक्टरों का कहना है, कि इस विषय को डर की बजाय वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समझना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी जानना चाहते हैं, कि ब्रेन ट्यूमर क्या है और क्या ज्यादा मोबाइल चलाने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा वाकई बढ़ रहा है? तो दरअसल, ब्रेन ट्यूमर एक जानलेवा बिमारी है, जिसमें दिमाग और उसके आस-पास के सेल्स असामान्य रूप से बढ़ने लग जाते हैं। प्राइमरी और सेकेंडरी यह दो प्रकार के होते हैं। प्राइमरी, जिसमें ट्यूमर दिमाग में ही शुरू होता है और सेकेंडरी, जिसमें यह शरीर के किसी और हिस्से से फैल कर दिमाग तक पहुंचता है। इसके अलावा, विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके, कि मोबाइल फोन या फिर लैपटॉप स्क्रीन देखने से ब्रेन ट्यूमर होता है। पर साइंस के अनुसार, मोबाइल जैसे डिवाइस से निकलने वाली हानिकारक रेडिएशन नॉन-आयोनाइजिंग होती है, जो डीएनए को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे दिमाग को कई तरह के नुकसान हो सकते हो सकते हैं, जिसमें ब्रेन ट्यूमर भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ज्यादा स्क्रीन देखने की वजह से आंखों में कई तरह की समस्याएं, नींद की कमी, सिरदर्द, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी कई यर्ह की समस्याएं बढ़ सकती है, पर यह ब्रेन ट्यूमर का सीधा कारण नहीं बनती है। आइये इस लेख के माध्यम से ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों के बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
क्या है ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ब्रेन ट्यूमर के कुछ लक्षण इस तरीके के होते हैं, जो आम तौर पर, हर व्यक्ति में अलग -अलग हो सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर के लक्षण आम भी हो सकते हैं और कुछ गंभीर भी हो सकते हैं, जो ब्रेन ट्यूमर के बढ़ने का संकेत प्रदान करते हैं, जैसे कि
ब्रेन ट्यूमर के आम लक्षण में शामिल हो सकते हैं:
- सिर में कभी-कभी या फिर लगातार दर्द होना।
- सुबह के समय उल्टी की समस्या होना।
- जी मिचलाना।
ब्रेन ट्यूमर के गंभीर लक्षण में शामिल हो सकते हैं:
- नजर का धुंधला पड़ जाना।
- काफी ज्यादा थकान महसूस होना
- किसी भी वक्त दौरा पड़ जाना।
- शरीर का संतुलन न बन पाना।
- किसी भी चीज को बार-बार भूलने की समस्या होना।
- याददाश्त का कमजोर हो जाना।
- शरीर के किसी अंग का ठीक से काम न करना।
निष्कर्ष :
बच्चों से लेकर बड़ो तक सभी लोग अपना काम करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं और कई घंटों तक मोबाइल की स्क्रीन के सामने ही बैठे रहते हैं, जिससे उनका दिमाग काफी ज्यादा प्रभावित होता है। दरअसल, ज्यादा स्क्रीन टाइम का मतलब ही यही होता है, कि आपका लाइफस्टाइल काफी ज्यादा खराब हो रहा है और खराब लाइफस्टाइल कैंसर और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों को भी बढ़ावा दे सकता है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए अपने स्क्रीन टाइम को कम करें और गंभीर इसके लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, इस फिर अगर आपको भी इसके कारण दिमाग से जुड़ी कोई समस्या हो गयी है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही न्यूरो सिटी हॉस्पिटल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।